
मधुमेह से जूझ रहे लाखों मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। ताजा शोध में पाया गया है कि प्राकृतिक धूप का सेवन रक्त शर्करा को नियंत्रित करने और चयापचय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अध्ययन में 1200 से अधिक प्रतिभागियों पर नजर रखी गई। जिन लोगों ने रोजाना कम से कम 30 मिनट धूप में समय बिताया, उनके एचबीए1सी स्तर में 22 प्रतिशत सुधार देखा गया। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एलेना वास्क्वेज ने कहा, ‘धूप विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है जो इंसुलिन स्राव को बढ़ावा देती है।’
विटामिन डी की कमी मधुमेह में सूजन बढ़ाती है, लेकिन धूप इसे कम करती है। यह खोज पारंपरिक सलाह को चुनौती देती है जो धूप से परहेज की बात करती है। विशेषज्ञ सुरक्षित तरीके से धूप लेने की सलाह दे रहे हैं।
प्रतिभागियों ने बेहतर नींद, ऊर्जा और मनोबल की भी रिपोर्ट की। वैश्विक स्तर पर 50 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से प्रभावित हैं।
स्वास्थ्य संगठन अब दिशानिर्देश बदल रहे हैं। सर्दियों में सप्लीमेंट्स मदद करेंगे, लेकिन धूप का कोई विकल्प नहीं। यह अध्ययन मधुमेह प्रबंधन में सरल बदलाव की शक्ति दिखाता है। धूप लें, स्वास्थ्य पाएं।