
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर निर्धारित महत्वपूर्ण स्पेसवॉक को नासा ने अंतिम समय पर स्थगित कर दिया। एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक बिगड़ती तबीयत को इसका मुख्य कारण बताया गया है। यह फैसला अंतरिक्ष समुदाय में चौंका देने वाला रहा।
गोपनीयता के कारण अंतरिक्ष यात्री का नाम उजागर नहीं किया गया, लेकिन उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि वे खतरनाक बाहरी गतिविधि (ईवीए) के लिए अयोग्य हो गए। स्पेसवॉक में चरम तापमान, विकिरण और अंतरिक्ष मलबे के खतरे का सामना करना पड़ता है।
इस स्पेसवॉक का उद्देश्य सौर पैनल की मरम्मत और उपकरण उन्नयन जैसे जरूरी कार्य थे, जो आईएसएस के संचालन के लिए अनिवार्य हैं। पृथ्वी से 250 मील ऊपर चक्कर लगाने वाला यह स्टेशन बूढ़ा होता जा रहा है और लगातार रखरखाव की जरूरत है।
नासा के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा, ‘हमारे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।’ प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि समयसीमा से ऊपर जीवन महत्वपूर्ण है। अब बैकअप प्लान के तहत दूसरा यात्री तैयार हो रहा है।
यह घटना अंतरिक्ष यात्रा के जोखिमों को रेखांकित करती है। कठोर प्रशिक्षण के बावजूद, माइक्रोग्रैविटी में मानव शरीर कमजोर पड़ जाता है। अतीत की घटनाएं साबित करती हैं कि अप्रत्याशित चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं।
आगामी आर्टेमिस मिशनों पर इसका असर पड़ सकता है। नासा की यह सतर्कता मानवता की ब्रह्मांडीय महत्वाकांक्षाओं में संतुलन बनाए रखने का उदाहरण है।