
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 दृष्टिकोण के अनुरूप नाल्को अपनी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सीएमडी बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि 0.5 मिलियन टन क्षमता विस्तार के साथ ग्रीन एनर्जी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
2030 योजना के तहत 30,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसमें अंगुल स्मेल्टर पर 0.5 एमटी स्मेल्टर और 1080 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं। डीपीआर का कार्य प्रगति पर है और इस माह पूरा होने की संभावना है। बोर्ड मंजूरी जुलाई-अगस्त तक मिलने की उम्मीद है।
घरेलू मांग पूरी करने हेतु ब्राउनफील्ड विस्तार में वैश्विक स्तर की पर्यावरण-अनुकूल तकनीक अपनाई जाएगी। प्रोजेक्ट 2030 तक चालू हो जाएगा।
तीन वर्षीय विजन में एल्यूमिना संयंत्र की पांचवीं धारा जून में चालू करना तथा पोट्टांगी खदानों में कार्यारंभ प्राथमिकता है। साथ ही 60,000 टन क्षमता वाली वायर रॉड मिल स्थापित की जाएगी।
नाल्को को प्रतिस्पर्धियों से बढ़त है क्योंकि उसके पास स्वयं की बॉक्साइट व कोयला खदानें हैं, जो कच्चे माल की लागत घटाती हैं और एकीकरण प्रदान करती हैं।
यह विस्तार न केवल क्षमता बढ़ाएगा बल्कि सतत विकास को मजबूत कर नाल्को को क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा।