
पैसों की दुनिया में सही निवेश चुनना आपकी आर्थिक आजादी का पहला कदम है। बाजार की इस पाठशाला में आज हम समझेंगे म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) क्या हैं और इनमें क्या अंतर है। हर विकल्प का अपना जोखिम, रिटर्न और लाभ है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के पैसों को इकट्ठा कर स्टॉक, बॉन्ड जैसी संपत्तियों में लगाते हैं। प्रोफेशनल फंड मैनेजर इसे संभालते हैं। इक्विटी फंड लंबे समय में 12-15% रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं। एसआईपी से जोखिम कम किया जा सकता है।
एफडी बैंकिंग का सुरक्षित विकल्प है। एकमुश्त राशि जमा करें, निश्चित ब्याज पाएं – वर्तमान में 6-8% तक। सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त लाभ। लेकिन समय से पहले निकासी पर पेनल्टी और टैक्स लगता है।
आरडी नियमित बचत के लिए बेस्ट। हर महीने थोड़ी राशि जमा करें, एफडी जैसा ब्याज कमाएं। छोटे निवेशकों के लिए आदर्श।
अपना लक्ष्य देखें: सुरक्षा चाहिए तो एफडी-आरडी, विकास तो म्यूचुअल फंड। विविधीकरण अपनाएं, मुद्रास्फीति को मात दें। सलाहकार से बात करें।