
नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता और पूर्व पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का वक्त मांगा है। अब अगली सुनवाई दो फरवरी को निर्धारित की गई है।
कोर्ट ने जेल में मजीठिया की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए, लेकिन अंतरिम जमानत पर फैसला अगली तारीख पर टाल दिया। मजीठिया 25 जून को गिरफ्तार हुए थे, जब अमृतसर स्थित उनके आवास समेत 26 स्थानों पर विजिलेंस ब्यूरो ने छापे मारे थे। वहां डिजिटल सामान, जमीन के कागजात और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए।
पहले सात दिन की पुलिस रिमांड के बाद चार दिन और बढ़ी, फिर छह जुलाई से न्यायिक हिरासत में नाभा जेल पहुंचे। 22 अगस्त को 40 हजार पेजों से अधिक की चार्जशीट दाखिल हुई, जिसमें 200 से ज्यादा गवाहों के बयान हैं। यह केस 2013 के 6,000 करोड़ के सिंथेटिक ड्रग रैकेट की जांच से जुड़ा है, जिसमें पूर्व डीएसपी भोला ने उनका नाम लिया था।
ड्रग आरोप बाद में खारिज हो गए, अब फोकस भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग पर। चार्जशीट में 700 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा पंजाब से दिल्ली तक 15 जगहों की तफ्तीश से हुआ। अकाली-भाजपा नेताओं के बयान भी शामिल। विजिलेंस ने समय पर चार्जशीट दाखिल करने का दावा किया है। दो फरवरी का फैसला म जीठिया के भविष्य को तय करेगा।