
क्रिकेट जगत में एक नया इतिहास रच दिया गया है। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक के महान बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल कोहली की काबिलियत को दर्शाती है बल्कि आधुनिक क्रिकेट के दौर में उनकी श्रेष्ठता को प्रमाणित करती है।
टेस्ट मैचों में रनों की इस दौड़ में कोहली ने कठिन परिस्थितियों में अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। तेंदुलकर के 15,000 से अधिक रनों का जादू, सहवाग की आक्रामकता और पोंटिंग की नेतृत्व क्षमता को पार करना आसान नहीं था। फिर भी, कोहली ने लगातार प्रदर्शन से यह कमाल कर दिखाया।
मैच के दौरान कोहली का शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ। विकेट गिरते रहे, लेकिन कोहली ने पारी को संभाला और टीम को जीत दिलाई। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी फिटनेस और अभ्यास इस सफलता का राज है।
पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने कोहली की सराहना की। सोशल मीडिया पर तारीफों का दौर चल पड़ा। यह मील का पत्थर कोहली के करियर में एक नया अध्याय जोड़ता है। भविष्य में वे और ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।
भारतीय क्रिकेट के इस सितारे की यह जीत पूरे देश को गर्व महसूस कराती है। आने वाले मैचों में कोहली की बल्लेबाजी पर नजरें टिकी रहेंगी।