
केरल सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दावोस सम्मेलन में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। इस टीम में उद्योग मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, निवेश प्रोत्साहक और प्रमुख उद्योगपति शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल पर्यटन, आईटी, स्वास्थ्य सेवा और नवीकरणीय ऊर्जण जैसे क्षेत्रों में केरल के अवसरों को वैश्विक मंच पर पेश करेगा। राज्य की 100 प्रतिशत साक्षरता, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और शांतिपूर्ण व्यवसायिक माहौल निवेशकों को आकर्षित करने के प्रमुख हथियार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दावोस हमारा वैश्विक मंच है जहां हम दुनिया को बताएंगे कि केरल निवेश के लिए तैयार है।’ पिछले साल राज्य में निवेश 25 प्रतिशत बढ़ा था, लेकिन अब इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। टीम 10 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के तैयार प्रोजेक्ट्स लेकर जा रही है।
पर्यटन में बैकवाटर और हिल स्टेशन, तकनीक में बैंगलोर जैसा हब और हरित ऊर्जा में बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहेगा। यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व के निवेशकों से द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
श्रम कानून और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बावजूद, भूमि अधिग्रहण और सिंगल विंडो क्लियरेंस में हालिया सुधार निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। दावोस से बड़ी डील और एमओयू की उम्मीद है।
वैश्विक मंदी के बीच केरल की स्थिरता और विकास की कहानी निवेशकों को लुभा सकती है। सफलता मिली तो लाखों नौकरियां पैदा होंगी और जीडीपी में इजाफा होगा। दावोस से अपडेट रहें।