
मध्य एशिया का विशाल देश कजाकिस्तान इन दिनों महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों से गूंज रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में महिलाएं न केवल भागीदार हैं, बल्कि प्रमुख नेतृत्वकर्ता बनकर उभर रही हैं।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, कजाकिस्तान में एमएसएमई क्षेत्र के 45 प्रतिशत से अधिक उद्यमों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। यह वृद्धि सरकारी योजनाओं का कमाल है, जैसे ‘महिलाएं व्यवसाय में’ कार्यक्रम, जो कम ब्याज दरों वाले ऋण, प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान करता है।
अलमाटी की ऐगेरिम ने अपनी छोटी बेकरी को 12 शाखाओं वाली चेन में बदल दिया, जिसमें 150 ज्यादातर महिलाएं कार्यरत हैं। ऐसे उदाहरण देश भर में देखने को मिल रहे हैं। डिजिटलीकरण ने घर से ई-कॉमर्स शुरू करने का रास्ता खोला है।
राष्ट्रपति टोकायेव के सुधारों से लैंगिक समानता को बल मिला है। हालांकि, बड़े बाजारों तक पहुंच और विस्तार चुनौतियां बनी हुई हैं। फिर भी, महिला उद्यमियों के निर्यात में 30 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है।
विश्व बैंक ने कजाकिस्तान की इस मॉडल की सराहना की है। विजन 2050 के लक्ष्यों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं, जो आर्थिक प्रगति का प्रतीक है।