
जम्मू-कश्मीर के छह जिलों से आए 170 युवाओं ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा का दौरा कर राष्ट्रीय एकता की मिसाल कायम की। अनंतनाग, कुपवाड़ा, बारामूला, बडगाम, श्रीनगर और पुलवामा के ये युवा भारत सरकार के युवा कार्य मंत्रालय की ‘मेरा युवा भारत’ पहल के तहत कश्मीरी युवा विनिमय कार्यक्रम में शामिल हुए। गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस भ्रमण ने युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं से रूबरू कराया।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली विधानसभा देश की पहली पूर्ण सौर ऊर्जा आधारित विधानसभा बन चुकी है। नेशनल ई-विधान ऐप (नेवा) से पूरी कार्यवाही डिजिटल रूप से संचालित हो रही है। साथ ही, सदन को सांस्कृतिक विरासत स्थल बनाने का विजन भी साझा किया गया।
कई युवाओं के लिए राजधानी की यह पहली यात्रा थी, जो बेहद प्रभावशाली रही। उन्हें विधायी बहस, प्रश्नकाल और विधायकों की भूमिका समझाई गई। भवन का इतिहास भी रोचक रहा—ब्रिटिश काल की सेंट्रल लेजिस्लेटिव काउंसिल से लेकर संसद और 1911 में दिल्ली स्थानांतरण के बाद अस्थायी सचिवालय तक।
विठ्ठलभाई पटेल जैसे नेताओं के योगदान पर चर्चा हुई। अधिकारियों से विधायी प्रक्रिया, प्रशासन और लोकतंत्र पर सवाल-जवाब हुए। यह दौरा युवाओं को संवैधानिक विरासत और शासन व्यवस्था समझने का सुनहरा मौका साबित हुआ, जो राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करेगा।