
पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में शनिवार रात गुल प्लाजा मॉल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। 24 घंटे से अधिक समय तक धधकती इस आग ने 15 लोगों की जान ले ली, जबकि 70 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन हताहतों की संख्या बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने सरकारी लापरवाही को इस त्रासदी का मुख्य कारण बताया। सदर फायर स्टेशन महज कुछ मिनट की दूरी पर होने के बावजूद समय पर सहायता नहीं पहुंची। दुकानदारों का कहना है कि अगर रात में ही पूरी ताकत से फायर ब्रिगेड आ जाती, तो इतना नुकसान न होता।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पानी की कमी और सीमित संसाधनों ने आग बुझाने में बाधा डाली। एम.ए. जिन्ना रोड की जर्जर हालत ने पानी के टैंकरों को मौके तक पहुंचने में परेशानी खड़ी की। सिंध सरकार और कराची मेयर की जमकर आलोचना हो रही है।
मौके पर मौजूद एक युवक ने बताया कि पहले धुआं फैला, फिर आग ऊपरी मंजिलों पर पहुंच गई। समय पर टीमें आ जातीं तो लोगों को बचाया जा सकता था। रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि आग पर 95 प्रतिशत काबू पा लिया गया है और कूलिंग प्रक्रिया चल रही है। आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
यह घटना कराची की इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोरियों को उजागर करती है। व्यापारी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।