
दुनिया के प्रमुख आर्थिक मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान स्विट्जरलैंड के दावोस में ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया। विश्वविद्यालय ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी लीडर्स फोरम (डब्ल्यूयूएलएफ) की शुरुआत की, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पहला वैश्विक मंच है। यह मंच खासकर विश्वविद्यालयों के नेताओं और शिक्षाविदों के लिए तैयार किया गया है।
इस फोरम से दुनिया भर के देशों के शिक्षा प्रमुख एकजुट होंगे। वे उच्च शिक्षा से जुड़ी वैश्विक समस्याओं पर विचार-विमर्श करेंगे, अनुभव बांटेंगे और सामूहिक रूप से समाधान निकालेंगे। पर्यावरण, असमानता और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित होगा।
जेजीयू की यह पहल भारत की प्राचीन शिक्षा परंपराओं से प्रेरित है। नवीन जिंदल के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में विश्वविद्यालय ने 80 देशों में 600 से अधिक साझेदारियां स्थापित की हैं। वैश्विक सहयोग अब इसकी पहचान बन चुका है।
डब्ल्यूयूएलएफ वैश्विक उत्तर और दक्षिण के संस्थानों को जोड़ेगा। यहां शिक्षा, अनुसंधान, नीति, सामाजिक कार्य और साझेदारियों पर जोर दिया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका मजबूत होगी।
कार्यक्रम की मेजबानी जेजीयू के कुलपति प्रोफेसर सी राज कुमार करेंगे। अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, यूएई समेत कई देशों के नेता शामिल होंगे। उच्च शिक्षा का भविष्य और सतत विकास पर गहन बातचीत होगी।
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि जेजीयू नवीन जिंदल की सोच से स्थापित हुआ, जो शिक्षा को मानव सेवा का माध्यम मानती है। डब्ल्यूयूएलएफ इस सहयोग को स्थायी मंच प्रदान करता है। विश्वविद्यालय ज्ञान, समानता और नवाचार के केंद्र हैं।
पहली पैनल चर्चा सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित होगी। यह डब्ल्यूईएफ की प्राथमिकताओं से मेल खाती है, जैसे सहयोग बढ़ाना, नवाचार और पर्यावरणीय सीमाओं में समृद्धि।
यह फोरम जेजीयू के मिशन का नया अध्याय है। एशिया पैसिफिक समिट जैसे आयोजनों के बाद यह वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करेगा। विश्वविद्यालयों को समावेशी मंच देकर शिक्षा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगा।