
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी62 रॉकेट द्वारा अन्वेषा उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। लिफ्टऑफ के ठीक समय पर रॉकेट ने आकाश की ओर उड़ान भरी और निर्धारित कक्षीय कक्षा में उपग्रह को स्थापित कर दिया।
पीएसएलवी-सी62, जो इसरो की विश्वसनीय लॉन्च वाहन सीरीज का हिस्सा है, ने अपनी चार चरणों वाली उड़ान में पूर्ण परिपक्वता दिखाई। मिशन कंट्रोल सेंटर से आने वाली टेलीमेट्री ने पुष्टि की कि सभी स्टेज अलगाव और उपग्रह डिप्लॉयमेंट सामान्य रहा। इसरो के वैज्ञानिकों ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
अन्वेषा उपग्रह एक उन्नत प्रौद्योगिकी प्रदर्शनकर्ता है। लगभग 100 किलोग्राम वजनी इस सैटेलाइट में पुन: उपयोग योग्य लॉन्च वाहन तकनीक, विद्युत प्रणोदन प्रणाली और लघु उपकरणों के परीक्षण के लिए पेलोड्स हैं। यह भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।
यह लॉन्च चंद्रयान-3 की सफलता के बाद आया है और गगनयान जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स की तैयारी को मजबूत करता है। देश के वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने टीम की सराहना की। निजी क्षेत्र की भागीदारी से व्यावसायिक लॉन्च बढ़ रहे हैं।
अन्वेषा के दो वर्षीय मिशन से मिलने वाले परिणाम उपग्रह निर्माण में क्रांति ला सकते हैं। इसरो की स्वदेशी तकनीक आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बना रही है।