
शेयर बाजार की दुनिया में आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक आफरिंग कंपनियों के लिए बड़ा मौका होता है। यह निजी कंपनियों को सार्वजनिक रूप से शेयर बेचकर पूंजी जुटाने का जरिया है। लेकिन निवेशक आईपीओ में पैसा लगाकर क्या हासिल करते हैं? आइए विस्तार से समझें।
आईपीओ तब होता है जब कंपनी पहली बार अपने शेयर जनता को बेचती है। इससे कंपनी विस्तार, कर्ज चुकाने या नई परियोजनाओं के लिए फंड जुटा पाती है। निवेशकों को शुरुआती कीमत पर शेयर मिलते हैं, जो लिस्टिंग के बाद तेजी से बढ़ सकते हैं।
सबसे बड़ा फायदा है ऊंचा रिटर्न। कई आईपीओ पहले दिन ही 20-50% ऊपर चढ़ जाते हैं। लंबे समय में अमेजन या जुमैटो जैसे उदाहरण करोड़ों की कमाई दे चुके हैं।
लिक्विडिटी भी शानदार। लिस्टिंग के बाद शेयर आसानी से खरीद-बिक सकते हैं, जो प्राइवेट इन्वेस्टमेंट से कहीं बेहतर है।
पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन मिलता है। नई सेक्टर्स जैसे फिनटेक या ई-कॉमर्स में एंट्री संभव।
भारत में रिटेल निवेशकों को 35% कोटा मिलता है। एसबीआई, जीरोधा जैसे प्लेटफॉर्म से आसान आवेदन। एसबीआई कार्ड्स या आईआरएफसी जैसे आईपीओ ने शानदार रिटर्न दिए।
हालांकि रिस्क भी हैं—ओवरप्राइसिंग या मार्केट क्रैश। प्रॉस्पेक्टस पढ़ें, मैनेजमेंट जांचें।
टैक्स बेनिफिट्स: लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर कम टैक्स।
आईपीओ बाजार की पाठशाला है। सही रणनीति से धन सृजन संभव।