
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए लंबे समय से निष्क्रिय राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (एनओए) को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के साथ ही नेशनल ओलंपिक एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (एनओईडी) कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई है, जो भारतीय खेल प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए इस कदम से ओलंपिक स्तर के प्रशिक्षण और शिक्षा को नई गति मिलेगी। अकादमी अब खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रशासकों के लिए एक केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगी।
आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने इसे ‘खेलों में क्रांति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि एनओईडी के तहत खेल विज्ञान, पोषण, मनोविज्ञान और डोपिंग रोधी उपायों पर विशेष कोर्स चलाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के लिए क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पेरिस ओलंपिक में छह पदकों की सफलता ने इस निर्णय को बल प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के साथ साझेदारी से विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।
बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। खेल मंत्री ने आईओए की सराहना की और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए मजबूत आधार तैयार करने का भरोसा जताया।
यह पहल न केवल ओलंपिक मूल्यों को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को वैश्विक खेल पटल पर मजबूत बनाएगी। युवा प्रतिभाओं के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं।