
गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक समिट ने एक बार फिर भारत को निवेश का प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। वैश्विक उद्योगपतियों ने भारत की आर्थिक नीतियों और व्यापार अनुकूल माहौल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने इस समिट में भाग लेना अपना सौभाग्य बताया।
यह द्विवार्षिक समिट निवेशकों, नीति निर्माताओं और व्यवसायिक नेताओं को एक मंच पर लाता है। इस संस्करण में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट का उद्घाटन करते हुए 2047 तक भारत के विकास की रूपरेखा पेश की।
राजकोट चैंबर अध्यक्ष ने गुजरात की विनिर्माण क्षेत्र में भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के उदय को प्रत्यक्ष देखना सौभाग्य की बात है। अन्य प्रतिनिधियों ने भी गुजरात की विश्वस्तरीय सुविधाओं, सक्रिय शासन और कुशल श्रमिकों की सराहना की।
नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। अरबों डॉलर के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें बंदरगाह विकास और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण शामिल हैं। निवेशकों ने नियामक स्पष्टता और व्यापार सुगमता की प्रशंसा की।
समिट के दौरान सतत विकास पर बल दिया गया। यह न केवल गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि भारत की वैश्विक छवि को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।