
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभूतपूर्व गति से विकसित हुआ है। स्टार्टअप फाउंडर्स का कहना है कि मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने व्यापार को बेहद आसान बना दिया है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका भारत अब 1 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स का घर है।
हाल ही में आयोजित एक समिट में फाउंडर्स ने इंडिया स्टैक, यूपीआई और आधार जैसी पहलों की सराहना की। ‘यूपीआई से अरबों लेन-देन आसानी से हो जाते हैं, जिससे स्केलिंग तेज हुई,’ बताया फिनटेक यूनिकॉर्न के संस्थापक राजेश कुमार ने।
2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया योजना ने टैक्स छूट, आसान अनुपालन और फंडिंग के रास्ते खोले। डिजिटल पब्लिक गुड्स ने छोटे शहरों के उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका दिया।
बेंगलुरु से इंदौर-जयपुर तक स्टार्टअप्स फिनटेक, एडटेक, हेल्थटेक और एग्रीटेक में फैले हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाले वेंचर्स सालाना 20% बढ़े हैं।
फंडिंग की चुनौतियों के बावजूद फाउंडर्स आशावादी हैं। ‘5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का सपना स्टार्टअप्स से साकार होगा,’ बोली ई-कॉमर्स सीईओ प्रिया शर्मा। भारत का यह सफर दुनिया को प्रेरित कर रहा है।