
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि व्यापार करने में आसानी, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और विभिन्न नीतिगत सुधारों के दम पर भारत ने आत्मनिर्भर और विश्वसनीय अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना ली है। एक प्रमुख आर्थिक सम्मेलन में बोलते हुए गोयल ने इन कदमों को वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति का श्रेय दिया।
पिछले दशक में भारत ने विश्व बैंक की व्यापार आसानी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाकर सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। ‘उद्यमियों के लिए माहौल बनाना हमारी प्राथमिकता रही है,’ गोयल ने कहा। इससे विदेशी प्रत्यक्ष निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
यूएई, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ हुए एफटीए ने निर्यात के नए द्वार खोले हैं। टेक्सटाइल से लेकर तकनीक क्षेत्र तक भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने हैं। यूके और यूरोपीय संघ के साथ चल रही वार्ताएं भविष्य की संभावनाओं को और मजबूत करेंगी।
उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं ने विनिर्माण को गति दी है। एप्पल और टेस्ला जैसे दिग्गज भारत में प्लांट लगा रहे हैं। ‘आत्मनिर्भर भारत अब वास्तविकता है जो नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है।’
भविष्य में और उदारीकरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास की योजनाओं पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की जीडीपी वृद्धि इसकी विश्वसनीयता को दर्शाती है। निवेशक अब भारत को कभी पहले जैसा अवसर मानते हैं।