
विश्व स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल के बीच संयुक्त राष्ट्र ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए उत्साहजनक अनुमान जारी किया है। नवीनतम विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर तेजी से बढ़ेगी, जो इसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ने वाली बनाएगी।
रिपोर्ट में भारत की मजबूती को रेखांकित किया गया है, जो भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं और मुद्रास्फीति के दबावों के बावजूद डटी हुई है। घरेलू खपत की मजबूत ताकत, भारी बुनियादी ढांचा निवेश और तेजी से विकसित डिजिटल अर्थव्यवस्था इसके प्रमुख कारक हैं। युवा आबादी और सुधारों ने भारत को बाहरी झटकों से बचाने का काम किया है।
जिंसों की अस्थिर कीमतें और जलवायु जोखिम जैसे चुनौतियों के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने 2026 तक महत्वपूर्ण तेजी का पूर्वानुमान लगाया है। उन्नत अर्थव्यवस्थाएं मंदी से जूझ रही हैं, जबकि भारत का सेवा क्षेत्र, विशेषकर आईटी निर्यात, चमक बरकरार रखे हुए है। ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाएं विनिर्माण को गति दे रही हैं।
भविष्य के लिए नौकरियों के सृजन, कौशल विकास और हरित निवेश पर जोर देने की सलाह दी गई है। वैश्विक वृद्धि सुस्त रहने के बीच भारत का उदय विकासशील देशों के लिए प्रेरणा है। यह पूर्वानुमान निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है और भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।