
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लाल निशान के साथ बंद हुआ। रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 450 अंक गिरकर 78,250 पर और निफ्टी 140 अंक टूटकर 23,800 से नीचे बंद हुआ।
निवेशकों में सतर्कता बढ़ी क्योंकि आर्थिक आंकड़ों का इंतजार है। रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा। डीएलएफ, गोदरेज प्रॉपर्टीज और मकरotech डेवलपर्स में 4-6% की गिरावट आई। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 5% से अधिक की कमी दर्ज की गई। ऊंची वैल्यूएशन और मांग में कमी ने निवेशकों को परेशान किया।
ऑटो शेयरों में भी कमजोरी दिखी। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2-4% की गिरावट हुई। त्योहारों में कमजोर बिक्री और बढ़ते लागत ने सेक्टर को प्रभावित किया।
बैंकिंग और आईटी शेयरों ने कुछ राहत दी, लेकिन बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं था। एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस में मामूली तेजी रही। विदेशी निवेशकों ने 2,500 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू फंडों ने सीमित खरीदारी की।
बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। भारत वीआईएक्स में 3% की बढ़ोतरी हुई। जानकारों का कहना है कि यह गिरावट हालिया तेजी के बाद स्वस्थ हो सकती है, लेकिन वैश्विक संकेत खराब होने पर और नीचे जा सकता है।
आगे आरबीआई नीति प्रतिभा और अमेरिकी फेड संकेतों पर नजर। व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।