
भारतीय पासपोर्ट ने वैश्विक पटल पर अपनी ताकत दिखाई है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की ताजा रैंकिंग में यह पांच स्थान चढ़कर 82वें पायदान पर पहुंच गया है। अब भारतीय नागरिकों को 58 देशों में वीजा-मुक्त या वीजा ऑन अराइवल यात्रा की सुविधा मिलेगी।
यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों पर आधारित है, जो 199 पासपोर्ट्स की तुलना करता है। भारत का यह उछाल कूटनीतिक सफलताओं का नतीजा है, खासकर थाईलैंड, इंडोनेशिया और कई अफ्रीकी देशों के साथ नए समझौतों से।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘यह भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रिय कूटनीति ने पिछले एक साल में कई द्विपक्षीय समझौते कराए हैं।
जापान (194 देश) और सिंगापुर (193) शीर्ष पर बने हुए हैं, लेकिन भारत ने पाकिस्तान (100वां) और बांग्लादेश को पीछे छोड़ा। मध्यम वर्ग के लिए यह यात्रा आसान बनाने वाला कदम है।
भविष्य में यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका के साथ बातचीत से और सुधार संभव है। यह उपलब्धि भारतीय यात्रियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलती है।