
देश के परिवार अब निवेशकों के रूप में उभर रहे हैं और बैंकों में जमाओं की भारी बढ़ोतरी कर रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू जमाओं में सालाना 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जो ऋण वृद्धि को पीछे छोड़ रही है।
यह बदलाव मध्यम वर्ग के परिवारों के सतर्क रवैये को दर्शाता है। महामारी के बाद लोग जोखिम भरे निवेश से हटकर सुरक्षित बैंक खातों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पीएमजेडीवाई जैसी योजनाओं ने ग्रामीण इलाकों में भी बचत को बढ़ावा दिया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सावधि जमा सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, जो कुल जमाओं का 60 प्रतिशत हैं। इससे बैंकों को सस्ता धन मिल रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि मुद्रास्फीति के आगे ब्याज दरें कम होने पर परिवार अन्य विकल्प तलाश सकते हैं। बैंकों को नवीन उत्पाद लाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, यह परिवारों की बचत आदत भारत की आर्थिक मजबूती का प्रतीक है। पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सफर में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।