
नई दिल्ली में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद की चुनौतियों पर जोर देते हुए पोलैंड से जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और भारत के आसपास आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा न देने की अपील की।
जयशंकर ने कहा कि सिकोर्स्की हमारे क्षेत्र की समस्याओं से अच्छी तरह परिचित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक में हाल की यात्राओं पर चर्चा होगी। भारत लगातार इस खतरे से जूझ रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।
सिकोर्स्की की अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान यात्रा का जिक्र आया, जहां संयुक्त बयान में कश्मीर का उल्लेख था। भारत ने इसे कड़ी आलोचना की थी। जयशंकर ने यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख दोहराया और वैश्विक मंचों पर भारत को निशाना बनाने की निंदा की।
दोनों नेताओं ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण बताया। जयशंकर ने न्यूयॉर्क और पेरिस में अपने बयानों का हवाला दिया।
द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए जयशंकर ने पीएम मोदी की अगस्त 2024 पोलैंड यात्रा का उल्लेख किया, जिससे रणनीतिक साझेदारी बनी। व्यापार 7 अरब डॉलर का है, भारत का निवेश 3 अरब से अधिक। पोलैंड मध्य यूरोप में प्रमुख साझेदार है।
2024-28 एक्शन प्लान की समीक्षा हुई। व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार में सहयोग बढ़ेगा। यह बैठक दोनों देशों के भविष्य के लिए सकारात्मक कदम है।