
भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर है। संस्थागत निवेश में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए यह आंकड़ा 8 अरब डॉलर को पार कर गया है। यह वृद्धि निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है।
वर्ष के पहले नौ महीनों में 8.1 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो पिछले दौर से काफी अधिक है। ऑफिस स्पेस, आवासीय संपत्तियों और लॉजिस्टिक्स हब में मांग चरम पर है। मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
अमेरिका और सिंगापुर के विदेशी निवेशक अर्बों डॉलर लगा रहे हैं। घरेलू पेंशन फंड्स भी सक्रिय हैं। रेरा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं ने पारदर्शिता बढ़ाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2024 में यह गति बनी रहेगी। डेटा सेंटर और को-लिविंग स्पेस उभर रहे हैं। यह निवेश रोजगार और विकास को बढ़ावा देगा।