
भारत का व्यावसायिक रियल एस्टेट बाजार 2025 में अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छू रहा है। ऑफिस लीजिंग की मांग ने रिकॉर्ड 82.6 मिलियन वर्ग फुट की आपूर्ति को पार कर लिया है, जिसमें गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों से आ रही कंपनियों की मांग प्रमुख भूमिका निभा रही है। प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और पुणे में ऑफिस स्पेस की भारी मांग देखी जा रही है। GCC फर्म्स, खासकर यूएई और सऊदी अरब से, अपनी क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित करने के लिए भारत को पसंदीदा गंतव्य बना रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रेंड आर्थिक विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और हाइब्रिड वर्क मॉडल के कारण तेजी से बढ़ रहा है। 2024 की तुलना में लीजिंग वॉल्यूम में 25% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। डेवलपर्स अब ग्रेड-A ऑफिस स्पेस पर फोकस कर रहे हैं, जो सस्टेनेबल और टेक्नोलॉजी से लैस हैं। भविष्य में, टियर-2 शहरों में भी ऑफिस लीजिंग का विस्तार होने की उम्मीद है। यह विकास भारत को वैश्विक बिजनेस हब के रूप में मजबूत कर रहा है।