
नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक आयोजन के तहत भारत ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के बैनर तले डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (आरएनआई) का उद्घाटन किया। यह सूचकांक देशों का मूल्यांकन आर्थिक शक्ति या सैन्य ताकत के बजाय नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक दायित्व के आधार पर करता है, जो वैश्विक नेतृत्व की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उपस्थित होकर नैतिकता आधारित शासन और समावेशी विकास की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे राष्ट्रों और विश्व की सतत प्रगति का मूल आधार बताया।
तीन वर्षों की गहन शोध प्रक्रिया से जन्मा यह इंडेक्स जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और आईआईएम मुंबई के विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार हुआ है। यह शक्ति-केंद्रित मूल्यांकन से जिम्मेदारी-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर क्रांतिकारी बदलाव लाता है।
‘मानव कल्याण से वैश्विक दायित्व तक: 21वीं सदी में उत्तरदायित्व, समृद्धि और शांति पर पुनर्विचार’ विषयक पैनल चर्चा में वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने अध्यक्षता की। इसमें प्राची मिश्रा, डॉ. लवीश भंडारी, नीलकंठ मिश्रा, शांतिश्री डी. पंडित, प्रो. मनोज कुमार तिवारी, प्रो. एडुआर्ड हूसन और जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।
फाउंडेशन के संस्थापक सुधांशु मित्तल ने कहा कि आरएनआई शासन को मानवीय मूल्यों से जोड़ने वाला एक नया प्रतिमान है।
कार्यक्रम का समापन आरएनआई रिपोर्ट के विमोचन से हुआ, जो जिम्मेदार राष्ट्रवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई शुरुआत का प्रतीक है।