
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। यह उपलब्धि देश की टिकाऊ विकास प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कुल स्थापित क्षमता का 42 प्रतिशत से अधिक अब नवीकरणीय स्रोतों से आ रहा है। जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सौर मिशन और नवीकरणीय लक्ष्यों का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, ‘यह जलवायु परिवर्तन से लड़ने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रमाण है।’
सौर ऊर्जा का योगदान सबसे अधिक है, इसके बाद पवन और जलविद्युत। पिछले दशक में क्षमता चार गुना बढ़ी। लागत घटने और ग्रिड सुधार से गति मिली।
राजस्थान, गुजरात जैसे राज्य अग्रणी हैं। भविष्य में 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य। बैटरी स्टोरेज जैसी चुनौतियों पर काम जारी।
यह सफलता भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत करती है, कोयला आयात कम करती है। उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए मॉडल बनेगा भारत।