
भारत वैश्विक वस्त्र उद्योग का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 8 जनवरी से असम की राजधानी गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित होगा। यह आयोजन वस्त्र क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मंच बनेगा।
देश भर से राज्य वस्त्र मंत्री इस सम्मेलन में भाग लेंगे। मुख्य चर्चा आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने, हरित तकनीकों को अपनाने और कौशल विकास पर केंद्रित रहेगी। वस्त्र उद्योग जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है और करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
सरकार का लक्ष्य 2030 तक वस्त्र अर्थव्यवस्था को 350 अरब डॉलर का बनाना है। गुवाहाटी का चयन पूर्वोत्तर के रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की कमी जैसी चुनौतियों का समाधान निकाला जाएगा। पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
दो दिनों के इस सम्मेलन से ठोस नीतियां और योजनाएं सामने आएंगी। इससे छोटे उद्यमियों और कारीगरों को नया अवसर मिलेगा। भारत का वस्त्र झंडा विश्व पटल पर लहराएगा।