
भारत और फिजी के बीच रिश्ते गिरमिटिया मजदूरों के दौर से जुड़े हैं। 1879 से 1916 तक ब्रिटिश काल में भारत से हजारों मजदूर फिजी के गन्ना बागानों में लाए गए। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने दोनों देशों को करीब ला दिया।
फिजी के 18,300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 300 से अधिक द्वीप हैं, जहां 2025 तक 9.33 लाख आबादी बसती है। इनमें 30-40 प्रतिशत भारतीय मूल के हैं। 1970 से राजनयिक संबंध शुरू होने के बाद सुवा में भारत का उच्चायोग सक्रिय है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और क्षमता निर्माण में भारत मदद करता है। फिजी के छात्रों को छात्रवृत्तियां मिलती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिजी का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है।
हिंदी यहां आम बोलचाल है। दीवाली-होली राष्ट्रीय त्योहार बने हैं। योग, आयुर्वेद और बॉलीवुड फिजी में छाए रहते हैं। प्रशांत महासागर में फिजी भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है। इंडो-पैसिफिक नीति के तहत जलवायु, आपदा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ रहा है।
भारत फिजी को दवाएं, कपड़े, बिजली उपकरण, रसायन, चावल, प्लास्टिक और सौंदर्य उत्पाद निर्यात करता है। फिजी से सोना, मशीनरी, सीसा अयस्क, खाद्य पदार्थ और प्लास्टिक आता है। यह साझेदारी भविष्य के लिए प्रेरणादायी है।