
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर चुका है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की कि देश में अब 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिन्होंने 21 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है।
हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए गोयल ने स्टार्टअप इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘कुछ ही वर्षों में हम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गए हैं।’ फिनटेक, एडटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
ये आंकड़े प्रेरणादायक हैं। 117 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के साथ भारत का मूल्यांकन 350 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। खास बात यह है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी स्टार्टअप्स फल-फूल रहे हैं, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ा है।
गोयल ने बताया कि 21 लाख नौकरियां युवाओं के लिए वरदान साबित हुई हैं। सरकार अब और सुधार ला रही है, जैसे फंडिंग आसान बनाना और महिला उद्यमियों को बढ़ावा। आत्मनिर्भर भारत का सपना स्टार्टअप्स से साकार हो रहा है। भविष्य उज्ज्वल है।