
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का दौर तेजी से बढ़ रहा है। सरकार और निजी कंपनियां मिलकर AI तकनीकों को बढ़ावा दे रही हैं। हाल ही में लॉन्च हुई AI नीति से स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को बड़ा मौका मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 तक AI भारत की अर्थव्यवस्था में 500 बिलियन डॉलर का योगदान देगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में AI के अनुप्रयोग क्रांतिकारी साबित हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, AI आधारित ऐप्स किसानों को मौसम पूर्वानुमान और फसल सलाह दे रहे हैं। इसी तरह, चैटबॉट्स ग्राहक सेवा को तेज और कुशल बना रहे हैं। हालांकि, डेटा गोपनीयता और नौकरियों पर प्रभाव जैसे मुद्दे भी चर्चा में हैं। सरकार ने AI स्किलिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं ताकि युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ा जा सके। आने वाले समय में भारत वैश्विक AI हब बन सकता है। यह क्रांति न केवल आर्थिक विकास लाएगी बल्कि सामाजिक बदलाव भी करेगी।