
एक ताजा अध्ययन ने खुलासा किया है कि सुबह के बजाय दोपहर में हार्ट सर्जरी कराने पर मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच होने वाली कार्डियक प्रक्रियाओं में जटिलताओं का खतरा कम होता है और जीवित रहने की दर अधिक रहती है।
यह अध्ययन 30,000 से ज्यादा मरीजों के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें कॉरनरी आर्टरी बायपास और वॉल्व रिप्लेसमेंट जैसी सर्जरी शामिल हैं। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे के स्लॉट में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और इंफेक्शन जैसे जोखिम 15-20% ज्यादा पाए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर की सर्कैडियन रिदम इसके लिए जिम्मेदार है। सर्जनों का प्रदर्शन दोपहर में चरम पर होता है, हाथ स्थिर रहते हैं और निर्णय लेने की क्षमता तेज होती है। मरीजों में क्लॉटिंग फैक्टर और सूजन के मार्कर भी स्थिर हो जाते हैं।
लीड रिसर्चर डॉ. एलिना मार्टिनेज ने कहा, ‘कार्डियक केयर में समय महत्वपूर्ण है। अस्पतालों को शेड्यूल पर पुनर्विचार करना चाहिए।’ यह खोज दुनिया भर के ऑपरेटिंग रूम प्रोटोकॉल बदल सकती है।
हालांकि अध्ययन में उम्र और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखा गया, लेकिन बड़े सैंपल की जरूरत बताई जा रही है। फिर भी, कई अस्पताल दोपहर के स्लॉट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
संक्षेप में, क्रोनोबायोलॉजी और सर्जरी का यह संगम मरीजों की जान बचा सकता है। हार्ट पेशेंट्स अपने डॉक्टर से सही समय पर चर्चा करें।