
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुजरात को विकसित भारत 2047 दृष्टिकोण का प्रमुख विकास इंजन बताया है। एक प्रमुख निवेश शिखर सम्मेलन में संबोधित करते हुए गोयल ने राज्य की मजबूत बुनियादी ढांचा, निवेशक हितैषी नीतियों और उद्यमी भावना को राष्ट्रीय आर्थिक गति प्रदान करने वाले प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया।
गुजरात का औद्योगिक केंद्र से वैश्विक निवेश आकर्षण तक का सफर उल्लेखनीय रहा है। विश्वस्तरीय बंदरगाह, सहज लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और अत्याधुनिक औद्योगिक कॉरिडोर के साथ राज्य बड़े पैमाने पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित करने को तैयार है। गोयल ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी पहलों को गेम-चेंजर करार दिया।
‘विकसित भारत@2047 कोई दूर का सपना नहीं, बल्कि प्राप्त करने योग्य वास्तविकता है, और गुजरात इसके विकास इंजन बनेगा,’ गोयल ने घोषणा की। उन्होंने पेट्रोकेमिकल्स, ऑटोमोबाइल्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में राज्य की सफलता का उल्लेख किया, जहां गुजरात कई श्रेणियों में भारत के निर्यात में 40% से अधिक योगदान देता है।
मंत्री ने गुजरात में नेक्स्ट-जनरेशन मैन्युफैक्चरिंग हब, ग्रीन एनर्जी पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर के लिए योजनाओं का अनावरण किया। ये विकास 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य से पूरी तरह मेल खाते हैं। गोयल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के सतत विकास के दृष्टिकोण की सराहना की।
कार्यक्रम में विश्व भर से निवेशक शामिल हुए, जिन्होंने अरबों के प्रोजेक्टों का शिलान्यास देखा। एआई, बायोटेक और रक्षा विनिर्माण में निवेश के लिए एमओयू साइन हुए। गोयल ने सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और नीति स्थिरता का पूर्ण सरकारी समर्थन देने का आश्वासन दिया।
आत्मनिर्भर भारत के तहत जब भारत स्वावलंबन की ओर अग्रसर है, गुजरात की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य का कारोबार आसानी रैंकिंग, कुशल कार्यबल और रणनीतिक स्थान इसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आदर्श लॉन्चपैड बनाता है। गोयल ने निजी क्षेत्र से 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में साझेदारी का आह्वान किया।