
भारत की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया, जहां जीएसटी 2.0 सुधारों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार ने उपभोक्ता मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। सरलीकृत कर प्रक्रिया ने व्यवसायों को राहत दी और खरीदारी को बढ़ावा मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का योगदान सराहनीय रहा। फसलों के अच्छे दाम, भरपूर मानसून और न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों की आमदनी बढ़ी। इससे उपभोग वस्तुओं, दोपहिया वाहनों और एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री में तेजी आई। जीएसटी 2.0 ने अनुपालन को आसान बनाया और लॉजिस्टिक्स खर्च कम किया। यह तिमाही समावेशी विकास की मिसाल पेश करती है, जहां ग्रामीण भारत आगे बढ़ रहा है।