
भारतीय सर्राफा बाजारों में हलचल मच गई है। सोने की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर के बहुत करीब पहुंच गई हैं, जबकि चांदी ने एक बार फिर 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
मुंबई के प्रमुख बाजारों में 10 ग्राम सोना 77,500 रुपये पर पहुंचा, जो ऑल-टाइम हाई 78,000 रुपये से बस थोड़ा नीचे है। रुपये की कमजोरी, अमेरिकी महंगाई और मध्य पूर्व के तनाव ने कीमतों को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया। ज्वैलर्स का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन में मांग और तेज हो जाएगी।
चांदी में 3 प्रतिशत की तेजी आई और यह 2.43 लाख रुपये तक पहुंची। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी उद्योगों की मांग ने चांदी को बल दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति में कमी से कीमतें और चढ़ेंगी।
एमसीएक्स पर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में भी उछाल देखा गया। कोटक कमोडिटी के विश्लेषकों का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजर रखें। त्योहारों के सीजन में खुदरा खरीदारी कीमतों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है। निवेशकों के लिए अवसर है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी।