
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दुनिया तेजी से बदल रही है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक दुनिया भर में एआई पर होने वाला कुल खर्च 2.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा एआई के हर क्षेत्र में गहराई से असर को दर्शाता है, चाहे वह स्वास्थ्य सेवा हो या वित्त क्षेत्र।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेज प्रगति इस निवेश को बढ़ावा देगी। कंपनियां प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर और विशेषज्ञों पर भारी भरकम रकम खर्च कर रही हैं।
क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियां इस दौड़ में सबसे आगे हैं। एआई डेटा विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमता से कारोबार की दक्षता में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है।