
घने जंगलों में छिपी वन तुलसी एक प्राकृतिक खजाना है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से लबालब भरी हुई है। सदियों से आयुर्वेद में पूजनीय यह जड़ी-बूटी सांस संबंधी समस्याओं से निजात दिलाती है और पूरे दिन तरोताजा रखती है।
शहरी प्रदूषण और मौसमी एलर्जी से सांस लेना मुश्किल हो गया है? वन तुलसी का जूस या काढ़ा फ्लेवोनॉइड्स के कारण फेफड़ों की सूजन कम करता है। खांसी, कंजेशन दूर होता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। अस्थमा रोगियों के लिए वरदान।
एनर्जी की कमी से जूझ रहे हैं? तुलसी तनाव हार्मोन को नियंत्रित कर रक्त शर्करा संतुलित रखती है। इम्यूनिटी मजबूत होती है, थकान भागती है। सुबह तुलसी चाय से दिन की शुरुआत करें।
इसे कैसे इस्तेमाल करें? छायादार जगहों से ताजा पत्तियां तोड़ें। 7-8 पत्तियों को उबलते पानी में 10 मिनट भिगोएं। शहद मिलाकर पिएं। अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर कम न हो, इसका ध्यान रखें। गर्भवती महिलाएं डॉक्टर से सलाह लें।
वन तुलसी स्वास्थ्य का सरल रास्ता है। वैज्ञानिक शोध इसे पुष्ट कर रहे हैं। स्वस्थ जीवन के लिए अपनाएं यह जंगल का अमृत।