
स्ट्रोक अचानक हमला करता है और हर मिनट कीमती होता है। ‘फास्ट’ फॉर्मूला एक सरल तरीका है जो आम लोगों को स्ट्रोक के लक्षण तुरंत पहचानने और तत्काल कार्रवाई करने में मदद करता है। चिकित्सकों द्वारा विकसित यह तरीका मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम कर बचाव की संभावनाएं बढ़ाता है।
सबसे पहले चेहरे की जांच करें। व्यक्ति से मुस्कुराने को कहें—अगर चेहरा टेढ़ा हो या एक तरफ लटक जाए, तो खतरे की घंटी बज गई। यह रक्त प्रवाह बाधित होने का संकेत है।
फिर बाजुओं की ताकत परखें। दोनों हाथ उठाने को कहें। अगर एक बाजू नीचे लुढ़क जाए या ऊपर न रहे, तो स्ट्रोक संभव है। नसों के संकेत मांसपेशियों तक नहीं पहुंच पाते।
बोलचाल में समस्या देखें। शब्द लड़खड़ाएं, समझ न आए या बोल न सकें, तो फौरन मदद बुलाएं। मस्तिष्क के भाषा केंद्र प्रभावित हो सकते हैं।
समय सबसे महत्वपूर्ण है। लक्षण दिखते ही इमरजेंसी सर्विस कॉल करें। इलाज का सुनहरा समय सीमित है—क्लॉट भंग करने वाली दवाएं या सर्जरी जल्दी जरूरी।
दुनिया भर में हर साल 60 लाख मौतें स्ट्रोक से होती हैं, लेकिन 80 प्रतिशत मामलों में सतर्कता से बचाव संभव। फास्ट अभियान लाखों को प्रशिक्षित कर चुका है।
लक्षण शुरू होने का समय नोट करें। फास्ट हर किसी के लिए आसान है—अभ्यास करें और अपनों को सिखाएं। आपकी फुर्ती जिंदगी बदल सकती है।