
नई दिल्ली। इटली के राजदूत विटोरियो सैंडाली ने यूरोपीय संघ को भारत का सबसे प्रमुख व्यापारिक साझेदार घोषित किया है। यह बयान दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों की मजबूती को रेखांकित करता है।
व्यापार मंच पर बोलते हुए राजदूत ने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 120 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अमेरिका और चीन जैसे अन्य साझेदारों से अधिक है।
फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और नवीकरणीय ऊर्जा प्रमुख क्षेत्र हैं। राजदूत ने यूक्रेन संकट के बाद भारत को यूरोपीय कंपनियों के लिए वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र के रूप में देखे जाने का उल्लेख किया।
इटली की कंपनियां जैसे स्टेलांतिस और फार्मा दिग्गज सक्रिय निवेश कर रही हैं। हालांकि, गैर-टैरिफ बाधाएं और नियामक अंतर चुनौतियां बने हुए हैं। दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
भारत-इटली व्यापार पिछले वर्ष 14 अरब यूरो को पार कर गया। इंजीनियरिंग गुड्स, परिधान और चमड़ा उत्पाद प्रमुख हैं। राजदूत ने ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर में संयुक्त उद्यमों का आह्वान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत यूरोपीय संबंध भारत की निर्यात-प्रेरित विकास रणनीति को गति देंगे। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को आकार देगी।