
ब्रुसेल्स से बड़ी खबर आ रही है। यूरोपीय संघ अमेरिका के खिलाफ जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की योजना बना रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी टैरिफ धमकी के जवाब में ईयू वॉशिंगटन पर 93 अरब यूरो तक का शुल्क ठोक सकता है या अमेरिकी कंपनियों को अपने बाजार से बाहर कर सकता है।
इस मामले के जानकार अधिकारियों ने बताया कि डावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की अहम बैठकों से ठीक पहले यूरोपीय नेता मजबूत स्थिति में रहें, इसके लिए ये कदम तैयार किए जा रहे हैं। वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधी बातचीत की उम्मीद है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि यह टैरिफ सूची तो पिछले साल ही तैयार हो चुकी थी, लेकिन ट्रेड वॉर से बचने को 6 फरवरी तक रोकी गई। अब ग्रीनलैंड विवाद चरम पर पहुंचने से रविवार को यूरोपीय प्रतिनिधियों ने इसे फिर शुरू करने पर विचार किया। सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों की बाजार पहुंच रोकने वाले कानून पर भी चर्चा हुई।
आठ प्रभावित देशों- डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम ने डेनमार्क व ग्रीनलैंड के साथ एकजुटता का संयुक्त बयान जारी किया।
शनिवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि 1 फरवरी से इन देशों के सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो 1 जून से 25 प्रतिशत हो जाएगा। यह तब तक रहेगा जब तक ग्रीनलैंड की पूरी खरीद पर समझौता न हो।
ट्रंप बुधवार-गुरुवार डावोस में होंगे, जहां उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत यूरोपीय नेताओं से बात होगी। यूक्रेन समर्थन बैठक में भी शामिल हो सकते हैं।
ट्रांसअटलांटिक संबंधों में तनाव चरम पर है। डावोस से व्यापारिक दुनिया की दिशा तय हो सकती है।