
शेयर बाजार की दुनिया में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) निवेशकों के लिए एक क्रांतिकारी विकल्प बन चुके हैं। ये फंड्स बिना ज्यादा मेहनत के विविधीकरण प्रदान करते हैं, जो व्यक्तिगत शेयर चुनने की जटिलताओं से बचाते हैं। बाजार की इस पाठशाला में ईटीएफ निवेश का मतलब समझना जरूरी है।
ईटीएफ मूल रूप से एक इंडेक्स, सेक्टर या कमोडिटी को ट्रैक करने वाला फंड है, जो स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह खरीदा-बेचा जाता है। म्यूचुअल फंड्स से अलग, ये पूरे ट्रेडिंग दिन में कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाते हैं, जिससे लिक्विडिटी बनी रहती है। नौसिखियों से लेकर अनुभवी निवेशकों तक सभी के लिए उपयुक्त।
ईटीएफ में निवेश कैसे करें? ब्रोकरेज अकाउंट खोलें, टिकर सिंबल सर्च करें जैसे निफ्टी 50 ईटीएफ, और खरीद ऑर्डर दें। कई प्लेटफॉर्म्स पर जीरो कमीशन और कम न्यूनतम निवेश की सुविधा है।
फायदों की लिस्ट लंबी है। खर्च अनुपात बहुत कम (0.03% से 0.50%) होता है, जो लंबे समय में बड़ा फर्क डालता है। एक ईटीएफ में सैकड़ों एसेट्स मिलते हैं, जो जोखिम कम करते हैं। टैक्स दक्षता और थीमैटिक विकल्प जैसे रिन्यूएबल एनर्जी ईटीएफ व्यक्तिगत पसंद के अनुरूप हैं।
उदाहरण लें, वांगार्ड एसएंडपी 500 ईटीएफ ने पिछले दशक में 12% सालाना रिटर्न दिया। हालांकि, बाजार गिरावट में नुकसान हो सकता है।
ईटीएफ बाजार की उन्नत कक्षा हैं। छोटे से शुरू करें, रिसर्च करें और वित्तीय सफलता की राह पकड़ें।