
बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को देशभर में मनाया जाएगा, जो मां सरस्वती को समर्पित है। दिल्ली के बाजारों में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। तुगलकाबाद बंगाली कॉलोनी जैसे इलाकों में मूर्तिकार विभिन्न प्रकार की मिट्टियों, बांस, फट्टे और पराली के मिश्रण से मां की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। ये मूर्तियां 2500 से 20,000 रुपये तक बिक रही हैं, जो पिछले साल से महंगी हैं।
25 साल के अनुभवी मूर्तिकार ने बताया कि मजबूत पकड़ के लिए कई मिट्टियों का मिश्रण किया जाता है। प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है, जो विसर्जन के समय कोई निशान नहीं छोड़ते। 2 फीट से 10 फीट तक की मूर्तियां बनाई जा रही हैं, जिनमें मां शंख धारण किए या कमल पर विराजमान रूप में नजर आ रही हैं।
खरीदारों का कहना है कि दाम बढ़े हैं, लेकिन आस्था पर कोई असर नहीं। पर्यावरण के प्रति जागरूकता के चलते इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग बढ़ी है। बाजार मां सरस्वती के विविध रूपों से जगमगा रहे हैं, जो बसंत पंचमी की धूम को और बढ़ाएंगे।