
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को उन्नाव रेप मामले में सजा भुगत रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने और जमानत देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इससे सेंगर को फिलहाल जेल से बाहर आने की कोई उम्मीद नहीं बची है।
कोर्ट ने सुनवाई में सेंगर के आपराधिक इतिहास पर जोर देते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर अपराध का मामला है। उन्नाव कांड में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के लिए उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी। पीड़िता के पिता की हिरासत में संदिग्ध मौत के मामले में भी वे दोषी पाए गए।
सेंगर ने अब तक 10 साल की सजा में से करीब 7.5 साल जेल में काट चुके हैं। लेकिन अदालत ने अपील में देरी का जिम्मेदार खुद सेंगर को ठहराया, क्योंकि उन्होंने कई अंतरिम याचिकाएं दायर कीं। कोर्ट ने अपील पर जल्द सुनवाई की सलाह दी।
याद रहे, दिसंबर 2019 में ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को दोषी ठहराया था, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिली, लेकिन सीबीआई की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर वह रुक गई। आज का फैसला न्यायिक सख्ती का प्रतीक है।
यह मामला महिलाओं के खिलाफ अपराधों में प्रभावशाली लोगों को बख्शने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाता है। पीड़ितों के लिए न्याय की यह जीत मील का पत्थर साबित होगी।