
नई दिल्ली में सोमवार सुबह 2.8 रिक्टर स्केल की तीव्रता वाला हल्का भूकंप महसूस किया गया। उत्तरी दिल्ली में 5 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित यह भूकंप सुबह 8:44 बजे आया, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में हल्के झटके महसूस हुए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र 28.86 उत्तरी अक्षांश और 77.06 पूर्वी देशांतर पर था। सौभाग्य से कोई हताहत या संपत्ति क्षति की सूचना नहीं मिली।
दिल्ली-एनसीआर कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित है, जो टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि से प्रभावित रहती हैं। ये दरारें क्षेत्र को बार-बार छोटे-मझोले भूकंपों के लिए संवेदनशील बनाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हल्के झटकों को हल्के में न लें। यमुना के मैदानी इलाकों में नरम मिट्टी भूकंप की तीव्रता बढ़ा सकती है। 2025 में भारत की भूकंपीय जोनिंग को 6 क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया।
पृथ्वी की सतह सात प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। इनकी टक्कर से दबाव बनता है, जो टूटकर भूकंप का रूप ले लेता है।
यह घटना दिल्ली की आपदा तैयारियों पर सवाल उठाती है। मजबूत भवनों और जन जागरूकता की आवश्यकता है ताकि भविष्य में बड़ा खतरा टाला जा सके।