
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
बुधवार सुबह दिल्ली का औसत एक्यूआई 410 तक लुढ़क गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार में 442, द्वारका और जहांगirpुरी में भी 400 से ऊपर के आंकड़े दर्ज किए गए। पीएम2.5 और पीएम10 कण सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।
GRAP-3 के तहत निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सीमेंट, रेत और धूल उत्पन्न करने वाली गतिविधियां ठप। कोयला आधारित उद्योग बंद, सिवाय आवश्यक सेवाओं के। दिल्ली मेट्रो ने ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई, डीटीसी बसें अतिरिक्त तैनात की गईं।
कल से प्राइवेट कारों पर ऑड-ईवन स्कीम शुरू। ई-रिक्शा और सीएनजी वाहनों को सिग्नल पर प्राथमिकता। ट्रक प्रवेश पर पाबंदी, सिर्फ जरूरी सामान वाले अनुमत।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने, वाहनों के धुएं, उद्योगों और मौसम की मार ने यह हालात पैदा किए। शांत हवाओं ने प्रदूषकों को जमीन के पास कैद कर लिया। सर्दी बढ़ने से खतरा और गहरा सकता है।
सीएक्यूएम चेयरमैन ने लोगों से अपील की, ‘बाहर कम निकलें, एन95 मास्क लगाएं, एसीपुरिफायर इस्तेमाल करें।’ स्कूल ऑनलाइन हो सकते हैं। अस्पतालों में सांस की बीमारियों के केस बढ़े।
पिछले साल GRAP-4 तक पहुंचा था संकट। अब लंबे उपाय जरूरी—पराली प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन, सख्ती। दिल्ली की हवा साफ करने की लड़ाई में सबकी जिम्मेदारी।