
दिल्ली के ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि साइकिल चलाना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुण भी सिखाता है। सैकड़ों साइकिल प्रेमियों के बीच पहुंचे मांडविया ने साइकिल की सवारी को जीवन के संघर्षों से जोड़ा।
यह साप्ताहिक आयोजन राजधानीवासियों को फिटनेस और सामुदायिक भावना से जोड़ता है। मंत्री ने स्वयं साइकिल चलाते हुए बताया कि ढलानों पर चढ़ना और ट्रैफिक में संतुलन बनाना प्रशासनिक चुनौतियों जैसा है। ‘साइकिलिंग धैर्य, निर्णय क्षमता और टीमवर्क सिखाती है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
मांडविया ने अपनी स्वास्थ्य मंत्री के रूप में यात्रा के दौरान साइकिलिंग के योगदान को साझा किया, खासकर कोविड संकट में। कार्यक्रम को प्रदूषण मुक्ति और स्वस्थ जीवनशैली के लिए सराहते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का आह्वान किया। प्रतिभागियों ने उत्साह से चर्चा में भाग लिया, जहां फिटनेस से लेकर नीतिगत बदलाव तक के मुद्दे छुए गए।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ, जिसमें सभी ने नियमित साइकिलिंग का संकल्प लिया। मांडविया का संदेश स्पष्ट था- सच्चा नेतृत्व आत्म-अनुशासन से शुरू होता है। यह आयोजन साइकिल को नेतृत्व की कक्षा के रूप में स्थापित कर रहा है।