
आज के डिजिटल युग में क्रिप्टोकरेंसी ने वित्तीय दुनिया में तहलका मचा रखा है। पारंपरिक मुद्राओं से अलग, यह विकेंद्रीकृत डिजिटल संपत्ति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। आइए जानते हैं कि क्रिप्टो क्या है, यह कैसे संचालित होती है और भारत में इसके नियम क्या हैं।
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी आभासी मुद्रा है जो क्रिप्टोग्राफी तकनीक से सुरक्षित होती है। इसका आधार ब्लॉकचेन है—एक पारदर्शी, अपरिवर्तनीय डिजिटल लेजर जो लेन-देन को हजारों कम्प्यूटर्स पर रिकॉर्ड करता है। बिना किसी केंद्रीय बैंक के, यह विश्वास पर आधारित है।
बिटकॉइन सबसे पहली क्रिप्टो है, जो माइनिंग प्रक्रिया से नई इकाइयां पैदा करती है। माइनर जटिल गणितीय समस्याएं हल कर ट्रांजेक्शन वैलिडेट करते हैं और ब्लॉक बनाते हैं। इथेरियम स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स लाया, जो DeFi, NFT जैसी क्रांतिकारी ऐप्स संभव बनाते हैं।
ट्रेडिंग आसान है: एक्सचेंज जैसे CoinDCX पर खाता खोलें, UPI से पैसे डालें, वॉलेट में स्टोर करें। लेकिन उतार-चढ़ाव भरा बाजार सावधानी बरतने को मजबूर करता है।
भारत में स्थिति जटिल है। 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने RBI के बैन को रद्द किया। अब 30% टैक्स प्रॉफिट पर, 1% TDS ट्रांसफर पर। VDA के रूप में मान्यता, लेकिन लीगल टेंडर नहीं। FIU रजिस्ट्रेशन जरूरी, PMLA लागू।
RBI का डिजिटल रुपया पायलट चलेगा, प्राइवेट क्रिप्टो पर नजर। 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ, भारत बड़ा बाजार है।
नियमों का पालन करें, सुरक्षित प्लेटफॉर्म चुनें। क्रिप्टो भविष्य है—समझदारी से निवेश करें।