
रसोई के इस छोटे से मसाले में छिपा है दर्द से लड़ने का बड़ा राज। लौंग न केवल दांतों के तेज दर्द को शांत करती है बल्कि माइग्रेन जैसी जटिल समस्या में भी कारगर साबित होती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व दर्द निवारक और सूजन कम करने वाले गुणों से भरपूर है।
दांत दर्द हो तो एक लौंग चबा लें या लौंग का तेल लगाएं, कुछ ही मिनटों में सुन्नाहट महसूस होगी। आयुर्वेद में सदियों से इसका उपयोग होता आ रहा है। आधुनिक अध्ययनों ने भी पुष्टि की है कि लौंग का तेल कई दवाओं से बेहतर काम करता है।
माइग्रेन पीड़ितों के लिए लौंग चाय या भाप लेना फायदेमंद। यह रक्त वाहिकाओं को शिथिल कर सिरदर्द कम करती है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर लौंग ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को भी नियंत्रित रखती है।
उपयोग का आसान तरीका: चार-पांच लौंग को पानी में उबालकर चाय बनाएं, शहद मिलाकर पिएं। माथे पर हल्का गर्म लौंग का लेप लगाएं। त्वचा संवेदनशील हो तो पहले पैच टेस्ट करें। गर्भवती महिलाएं या ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले डॉक्टर से सलाह लें।
लौंग का नियमित सेवन इम्यूनिटी बढ़ाता है और कई रोगों से बचाव करता है। प्राकृतिक चिकित्सा के इस चमत्कारी उपाय को अपनाकर दर्दमुक्त जीवन जिएं।