
आयुर्वेद की दुनिया में चित्रक (प्लंबागो जेलेनिका) का नाम सुनते ही आग की लपटें याद आ जाती हैं। यह जड़ी-बूटी सदियों से पाचन तंत्र से लेकर जोड़ों की समस्याओं का सफाया करती आ रही है।
चरक संहिता में वर्णित इस औषधि के मूल में प्लंबागिन जैसे शक्तिशाली तत्व हैं, जो अग्नि को प्रज्वलित कर अपच, सूजन और कीड़े-पतंगों से मुक्ति दिलाते हैं। आधुनिक शोध भी इसके पाचन सुधारक गुणों की पुष्टि करते हैं।
जोड़ों के दर्द में चित्रक वात दोष को संतुलित कर सूजन कम करता है। गठिया और गाउट के मरीजों के लिए यह वरदान साबित हो रहा है, जहां एलोपैथी दवाओं के साइड इफेक्ट्स से परेशान लोग प्राकृतिक राह चुन रहे हैं।
इसके अलावा, चित्रक भूख बढ़ाता है, मोटापा घटाता है और detox में सहायक है। चित्रकादी वटी या काढ़े के रूप में सेवन से लाभ दोगुना। लेकिन अधिक मात्रा से बचें, आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह जरूरी।
आज के भागदौड़ भरे जीवन में चित्रक जैसी जड़ी-बूटियां स्वास्थ्य का खजाना हैं, जो प्रकृति की गोद से सीधा असर दिखाती हैं।