
मध्यप्रदेश के फुटबॉल हृदय स्थल ‘मिनी ब्राजील’ भोपाल में एक नई उम्मीद जगी है। कंबोडिया के प्रसिद्ध कोच पोमेरॉय यहां पहुंचे हैं और स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए तैयार हैं। यह कदम मध्यप्रदेश फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित हो सकता है।
भोपाल के हरे-भरे मैदानों को ‘मिनी ब्राजील’ कहने का कारण इसकी समृद्ध फुटबॉल परंपरा है। पोमेरॉय, जिन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में कई टीमों को चमकाया है, अपनी रणनीतिक समझ लेकर आए हैं। पहले ही सत्र में उन्होंने बॉल कंट्रोल, पोजिशनिंग और फिटनेस पर जोर दिया।
स्थानीय युवा खिलाड़ी उत्साहित दिखे। कोच ने कहा, ‘फुटबॉल में जुनून और सटीकता जरूरी है।’ मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन ने इसे ऐतिहासिक बताया। एक सप्ताह के कैंप में आधुनिक तकनीकें, चोट निवारण और मानसिक मजबूती सिखाई जाएगी।
शाम ढलते ही खिलाड़ी अभ्यास में जुटे रहे। यह न केवल प्रशिक्षण है, बल्कि भोपाल को राष्ट्रीय फुटबॉल मानचित्र पर मजबूत करने का प्रयास है। पोमेरॉय के मार्गदर्शन में ‘मिनी ब्राजील’ का सपना साकार हो सकता है।