
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक क्रांतिकारी आर्थिक सुधार पैकेज की घोषणा की है जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। इस पैकेज में कर कटौती, एमएसएमई के लिए विशेष ऋण योजना और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने वाले कदम शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाएंगे।
इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन और आर्थिक विकास दर को 8% तक पहुंचाना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘यह पैकेज कोविड-19 के बाद की चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।’ किसानों, युवाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
शेयर बाजार में भी इस घोषणा के बाद तेजी देखी गई। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में उछाल आया। अर्थशास्त्रियों ने इसे ‘गेम चेंजर’ करार दिया है। आगामी बजट में इन सुधारों को और विस्तार मिलेगा। यह पैकेज न केवल घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करेगा बल्कि विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेगा।
मोदी सरकार के इस कदम की देशभर में सराहना हो रही है। विपक्ष ने भी कुछ बिंदुओं पर सहमति जताई है। कुल मिलाकर, यह आर्थिक सुधार पैकेज भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।